logo
Home Literature Poetry AhadnamaEMohabbat
product-img product-img
AhadnamaEMohabbat
Enjoying reading this book?

AhadnamaEMohabbat

by Saeed Ahmed
4.7
4.7 out of 5

publisher
Creators
Author Saeed Ahmed
Publisher Vani Prakashan
Translator Mirza A. B. Baig
Synopsis सईद अहमद ने दिलीप कुमार की ख़िदमत में अपना प्रेम प्रस्तुत करने का यह दिलचस्प अन्दाज अपनाया है कि उन्होंने उनकी कई फिल्मों को ‘सिल्वर स्क्रीन‘ की बजाय कागजों पर उतारा, जिनमें दिलीप कुमार ने अपनी आश्चर्यचकित कर देने वाली अदाकारी के जौहर दिखाये हैं। इस पुस्तक में उन संवादों और गीतों के वे शब्द तक मौजूद हैं जिनमें दिलीप कुमार ने अपने सर्वश्रेष्ठ होने का खूबसूरत इज़हार किया है। हर पटकथा कुछ ऐसे सलीके से पेश की गयी है कि वह साहित्यिक धरोहर कहलाने की हकदार हैं। कहानी पर गम्भीरता से समीक्षा की गयी है। और यूँ दिलीप कुमार की अदाकारी के अलावा फिल्म के निदेशक, कहानीकार व संवाद लेखन को लेखक ने खुलकर सराहा है। मेरी राय में फिल्म के किसी अदाकार बल्कि खुद फिल्म के फन की इतनी मालूमात बढ़ाने वाली और गहरी समीक्षा इससे पहले नहीं हुई। सईद अहमद की समीक्षा रचनात्मक फन के करीब जा पहुँची है। फिल्मी शौक रखने वाला इनसान दिलीप कुमार की भरपूर अदाकारी और जनता के प्रति उनसे प्यार को महसूस करता है कि यह शख़्स तो अपनी जिश्न्दगी ही में लिजेण्ड बन चुका है मगर इस व्यक्तित्व के अलावा उसके साथ जुड़ी बातों को भी बराबर की अहमियत देकर सईद अहमद ने हकीक़त और इन्साफ की एक मिसाल कायम कर दी है।

Enjoying reading this book?
HardBack ₹450
PaperBack ₹225
Print Books
About the author
Specifications
  • Language: Hindi
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Pages: 280
  • Binding: HardBack
  • ISBN: 9789350004838
  • Category: Poetry
  • Related Category: Literature
Share this book Twitter Facebook


Suggested Reads
Suggested Reads
Books from this publisher
Kothagoi by Prabhat Ranjan
Mugdhbodh Hindi Vyakaran by Krishnnarayan Prasad 'Magadh'
Sagoyana by Mahashweta Devi
Sarakati Ret by Neelam Shankar
Mere Ram : Meri Ramkatha by Narendra Kohli
Ball Ginwa by Manohar Shaym Joshi
Books from this publisher
Related Books
Patthalgarhi Anuj Lugun
Patthalgarhi Anuj Lugun
Mujhe Dikha Ek Manushya Manglesh Dabral
Mujhe Dikha Ek Manushya Manglesh Dabral
Pannon Par Kuch Din Namwar Singh
Pannon Par Kuch Din Namwar Singh
Related Books
Bookshelves
Stay Connected