logo
Home Literature Poetry Priyapravas
product-img product-img
Priyapravas
Enjoying reading this book?

Priyapravas

by Ayodhyasingh Upadhyaya Hariaoudh
4.7
4.7 out of 5

publisher
Creators
Publisher Vani Prakashan
Synopsis

Enjoying reading this book?
PaperBack ₹125
HardBack ₹250
Print Books
About the author अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध' अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' (15 अप्रैल, 1865-16 मार्च, 1947) हिन्दी के एक सुप्रसिद्ध साहित्यकार थे। वे 2 बार हिंदी साहित्य सम्मेलन के सभापति रह चुके हैं और सम्मेलन द्वारा विद्यावाचस्पति की उपाधि से सम्मानित किये जा चुके हैं। 'प्रिय प्रवास' हरिऔध जी का सबसे प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण ग्रंथ है। यह हिंदी खड़ी बोली का प्रथम महाकाव्य है और इसे मंगलाप्रसाद पारितोषिक पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। हरिऔध जी का जन्म उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के निजामाबाद नामक स्थान में हुआ। उनके पिता का नाम पंडित भोलानाथ उपाध्याय था। उन्होंने सिख धर्म अपना कर अपना नाम भोला सिंह रख लिया था, वैसे उनके पूर्वज सनाढ्य ब्राह्मण थे। इनके पूर्वजों का मुगल दरबार में बड़ा सम्मान था। इनकी प्रारंभिक शिक्षा निजामाबाद एवं आजमगढ़ में हुई। पांच वर्ष की अवस्था में इनके चाचा ने इन्हें फारसी पढ़ाना शुरू कर दिया था। हरिऔध जी निजामाबाद से मिडिल परीक्षा पास करने के पश्चात काशी के क्वींस कालेज में अंग्रेज़ी पढ़ने के लिए गए, किंतु स्वास्थ्य बिगड़ जाने के कारण उन्हें कॉलेज छोड़ना पड़ा। उन्होंने घर पर ही रह कर संस्कृत, उर्दू, फ़ारसी और अंग्रेजी आदि का अध्ययन किया और 1884 में निजामाबाद के मिडिल स्कूल में अध्यापक हो गए। इसी पद पर कार्य करते हुए उन्होंने नार्मल-परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। इनका विवाह आनंद कुमारी के साथ संपन्न हुआ।
Specifications
  • Language: Hindi
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Pages: 256
  • Binding: PaperBack
  • ISBN: 9789350723814
  • Category: Poetry
  • Related Category: Literature
Share this book
Suggested Reads
Suggested Reads
Books from this publisher
Sri Chinmoy Kavya by Sri Chinmay
Kaalkhand by Gyanprakash Vivek
Aadhunik Kahani: Switzerland by Amrit Mehta
Mukti by Akhilesh
Pratham Alok by Sunil Ganopadhyaya
Tat Ki Khoj by Harishankar Parsai
Books from this publisher
Related Books
Kabir Vachanavali Ayodhyasingh Upadhyaya Hariaoudh
Priyapravas Ayodhyasingh Upadhyaya Hariaoudh
Ayodhyasingh Upadhyaya'Hariaoudh'Rachnawali (10 Vols. Set) Ayodhyasingh Upadhyaya Hariaoudh
Theth Hindi Ka Thaat Ayodhyasingh Upadhyaya Hariaoudh
Related Books
Bookshelves
Stay Connected