logo
Home Literature Novel Kale karname
product-img product-img
Kale karname
Enjoying reading this book?

Kale karname

by Suryakant tripathi nirala
4.3
4.3 out of 5

publisher
Creators
Publisher Vani Prakashan
Synopsis

Enjoying reading this book?
HardBack ₹125
Print Books
About the author सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' (21 फरवरी, 1896 - 15 अक्टूबर, 1961) हिन्दी कविता के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक माने जाते हैं। वे जयशंकर प्रसाद, सुमित्रानंदन पंत और महादेवी वर्मा के साथ हिन्दी साहित्य में छायावाद के प्रमुख स्तंभ माने जाते हैं। उन्होंने कहानियाँ, उपन्यास और निबंध भी लिखे हैं किन्तु उनकी ख्याति विशेषरुप से कविता के कारण ही है। किसी ने उस युग-कवि को ‘महाप्राण निराला’ कहा तो किसी ने उसे ‘मतवाला’ कहा। किसी ने उसे छायावादी युग का ‘कबीर ’कहा तो किसी ने उन्हें ‘मस्तमौला’ कहा । किसी ने उन्हें सांस्कृतिक नवजागरण का ‘बैतालिक’ कहा तो किसी ने उन्हें सामाजिक-क्रान्ति का ‘विद्रोही कवि’ कहा । एक साथ उनके नाम के साथ इतना वैविध्य और वैचित्रय जुटता गया कि इनका जीवन और काव्य दोनों विरोधाभास के रूपक बनते गए। मगर ‘निराला’ सचमुच निराला ही बने रहे। लोगों के द्वारा दिये गये विशेषणों की उन्होंने कभी चिन्ता नहीं की। वे एक साथ दार्शनिक भी थे, समाज-सुधारक भी थे, विद्रोही भी थे, स्वाभिमानी भी थे, अक्खड़ भी थे, फक्कड़ भी थे, उदारचेता भी थे और सबसे बढ़कर ‘महामानव’ थे। युग की पीड़ा और समय का दंश निराला के हृदय को भी सालता रहा और उनके भीतर से शब्द का लावा फूटता रहा। उनके शब्द कहीं अंगार बनकर निकले तो कहीं इन्द्रधनुष बनकर उतरे। इस महान् कवि की जीवन-यात्रा भी फूल और अंगारे के बीच से होकर चलती रही। एक सतत संघर्ष की कहानी उनके जीवन की निशानी बनकर रह गई।
Specifications
  • Language: Hindi
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Pages: 64
  • Binding: HardBack
  • ISBN: 9788181432513
  • Category: Novel
  • Related Category: Modern & Contemporary
Share this book


Suggested Reads
Suggested Reads
Books from this publisher
Aurat Ka Koi Desh Nahin by TASLIMA NASRIN
Doosra Lucknow by Nadeem Hasnain
Raat Ka Reporter by Nirmal Verma
Man Ke Bhanwar by Daya Prakash Sinha
Wah Kahan Hai ? by Narendra Kohli
Loktantra Ke Sat Adhyay by
Books from this publisher
Related Books
Nirala Sanchayan Suryakant Tripathi Nirala
Kukurmutta Suryakant Tripathi Nirala
Sangrah Suryakant Tripathi Nirala
Leeli Suryakant Tripathi Nirala
Chayan Suryakant Tripathi Nirala
Asankalit Kavitayen Suryakant Tripathi Nirala
Related Books
Bookshelves
Stay Connected