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Dhoop Ka Pankh
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Dhoop Ka Pankh

by Sushobhit
4.8
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Creators
Author Sushobhit
Publisher Lokoday Prakashan
Synopsis सुशोभित का यह चौथा कविता संग्रह है। उनके पहले संग्रह 'गुलमोहर' में रागात्मकता की उत्कट अभिव्यक्ति थी तो 'दैनन्दिनी' में विषाद-योग फलीभूत हुआ था, किन्तु 'धूप का पंख' तक आते-आते हम कह सकते हैं कि कवि का स्वर अधिक स्थिर, प्रौढ़, संयत और ऊर्जस्वित हुआ है और विषयों में वांछित विविधता और व्याप्ति चली आई है। सुशोभित के रचनात्मक विकास की यात्रा में इस संग्रह को उनके काव्य-उद्यम की प्रतिनिधि पोथी कहना भी तब अनुकूल ही होगा।

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Paperback ₹170
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About the author "13 अप्रैल 1982 को मध्यप्रदेश के झाबुआ में जन्म। शिक्षा-दीक्षा उज्जैन से। अँग्रेज़ी साहित्य में स्नातकोत्तर। कविता की दो पुस्तकों ‘मैं बनूँगा गुलमोहर’ और ‘मलयगिरि का प्रेत’ सहित लोकप्रिय फ़िल्म-गीतों पर विवेचना की एक पुस्तक ‘माया का मालकौंस’ प्रकाशित। यह चौथी किताब। अँग्रेज़ी के लोकप्रिय उपन्यासकार चेतन भगत की पाँच पुस्तकों का अनुवाद भी किया है। संप्रति दैनिक भास्कर समूह की पत्रिका अहा! ज़िंदगी के सहायक संपादक। ईमेल- sushobhitsaktawat@gmail.com"
Specifications
  • Language: Hindi
  • Publisher: Lokoday Prakashan
  • Pages: 120
  • Binding: Paperback
  • ISBN: 9789388839921
  • Category: Poetry
  • Related Category: Literature
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