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Deewar Mein Ek Khirkee Rahati Thee
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Deewar Mein Ek Khirkee Rahati Thee

by Vinod Kumar Shukla
4.2
4.2 out of 5

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Creators
Publisher Vani Prakashan
Synopsis ऐसे नीरस किंतु सरस जीवन की कहानी कैसी होगी? कैसी होगी वह कहानी जिसके पात्र शिकायत करना नहीं जानते, हाँ! जीवन जीना अवश्य जानते हैं, प्रेम करना अवश्य जानते हैं, और जानते हैं सपने देखना। सपने शिकायतों का अच्छा विकल्प हैं। यह भी हो सकता है कि सपने देखने वालों के पास और कोई विकल्प ही न हो। यह भी हो सकता है कि शिकायत करने वाले यह जानते ही ना हों कि उन्हें शिकायत कैसे करनी चाहिये। या तो यह भी हो सकता है कि शिकायत करने वाले यह मानते ही न हों कि उनके जीवन में शिकायत करने जैसा कुछ है भी! ऐसे ही सपने देखने वाले किंतु जीवन को बिना किसी तुलना और बिना किसी शिकायत के जीने वाले, और हाँ, प्रेम करने वाले पात्रों की कथा है विनोदकुमार शुक्ल का उपन्यास “दीवार में एक खिड़की रहती थी”।

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About the author जन : पहला कविता संग्रह 1971 में लगभग जयहिन्द (पहल सीरीज़ के अन्तर्गत), वह आदमी चला गया नया गरम कोट पहनकर विचार की तरह (1981), सब कुछ होना बचा रहेगा (1992), अतिरिक्त नहीं (2000), कविता से लम्बी कविता (2001), कभी के बाद अभी (सभी कविता-संग्रह); 1988 में पेड़ पर कमरा (पूर्वग्रह सीरीज़ के अन्तर्गत) तथा 1996 में महाविद्यालय (कहानी संग्रह); नौकर की कमीज़ (1979), दीवार में एक खिड़की रहती थी, खिलेगा तो देखेंगे, हरी घास की छप्पर वाली झोपड़ी और बौना पहाड़ (सभी उपन्यास)। मेरियोला आफ्रीदी द्वारा इतालवी में अनुवादित एक कविता-पुस्तक का इटली में प्रकाशन, इतालवी में ही पेड़ पर कमरा का भी अनुवाद। इसके अलावा कुछ रचनाओं का मराठी, मलयालम, अंग्रेज़ी तथा जर्मन भाषाओं में अनुवाद। मणि कौल द्वारा 1999 में नौकर की कमीज़ पर फि़ल्म का निर्माण। आदमी की औरत और पेड़ पर कमरा सहित कुछ कहानियों पर बनी फि़ल्म आदमी की औरत (निर्देशक—अमित) को वेनिस फि़ल्म फेस्टिवल के 66वें समारोह 2009 में स्पेशल इवेंट पुरस्कार। मणि कौल द्वारा 2010 में दीवार में एक खिड़की रहती थी पर फि़ल्म निर्माण की प्रक्रिया प्रारम्भ। दो वर्ष के लिए निराला सृजनपीठ में अतिथि साहित्यकार रहे (1994-1996)। सम्मान : गजानन माधव मुक्तिबोध फ़ेलोशिप, रज़ा पुरस्कार, दयावती मोदी कवि शेखर सम्मान, रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार तथा दीवार में एक खिड़की रहती थी पर साहित्य अकादमी पुरस्कार। सम्प्रति : इन्दिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में कृषि-विस्तार के सह प्राध्यापक पद से 1996 में सेवानिवृत्त, अब स्वतंत्र लेखन। सम्पर्क : सी-217, शैलेन्द्र नगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) दूरभाष : 0771-2427554
Specifications
  • Language: Hindi
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Pages: 170
  • Binding: HardBack
  • ISBN: 8170555418
  • Category: Novel
  • Related Category: Modern & Contemporary
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