logo
Home Literature Novel Chand Ki Chahat
product-img
Chand Ki Chahat
Enjoying reading this book?

Chand Ki Chahat

by Prabhu Dayal Mandhaiya Vikal
5
5 out of 5
Creators
Author Prabhu Dayal Mandhaiya Vikal
Publisher Rigi Publication
Synopsis चन्द्रकांता कोरी कल्पना नहीं, हाड मांस की चलती - फिरती, हंसती - रोती, लङती - झगङती, पिटती - पीटती गांव की अल्हङ किशोरी है । कल्पना का तो मैंने अपनी आंतरिक लालसा के कारण उसमें मात्र हल्का सा पुट दिया है । उसका रंग - रूप, कद - काठी, बनावट - बुनावट सब प्राकृतिक है । मेरी आँखों को उसके चेहरे के किस भाग पर चोट - खरोंच का कैसा हल्का या गहरा निशान कितना आकर्षित करेगा, यह सब मेरी कमजोरी के कारण है। अन्यथा वह तो बेदाग मोतिये की बंद कली सी ही मेरे सामने आई थी । उसके श्यामवर्ण चेहरे पर कहाँ कितना ओज - तेज, लालिमा–लावण्य है, उसका अपना है । एक दृढ निश्चयी हृष्ट पुष्ट चरित्रवान कर्मठ नौजवान के साथ चण्डीगढ जैसे सुन्दर शहर में वह किन - किन मुसीबतों, अनुभवों से दो चार होती है, यह भी समयानुसार हुआ है। मैं तो उसे देख कर ही अभिभूत हूँ । मुझे उस बालिका में कभी नटवर नागर और कभी कर्मयोगी के दर्शन होते हैं । कहिये चन्द्रकांता मेरे जीवन की संचित अभिलाषा है । शेष निर्णय पाठकों पर ।

Enjoying reading this book?
Paperback ₹400
Print Books
About the author
Specifications
  • Language: Hindi
  • Publisher: Rigi Publication
  • Pages: 364
  • Binding: Paperback
  • ISBN: 9789388393911
  • Category: Novel
  • Related Category: Modern & Contemporary
Share this book Twitter Facebook


Suggested Reads
Suggested Reads
Books from this publisher
Arrange Marriage by Pritam M. Bisan
BASIC GRAMMAR PRACTICE HANDBOOK ON TENSE by Dr M Vijaya
Forever by Kshama Rao
RECENT TECHNOLOGIES IN FISH AND FISHERIES by Mr.K.Veeranjaneyulu
Assist World Records 2017 by R Rajendran
Mann Ki Soch by Mann Joshi
Books from this publisher
Related Books
Mrigtrishna Chandramaouli Rai
Meri Gullak Manmohan Krishan Goyal
Ek Ghoont Jindagi Prabhu Dayal Mandhaiya Vikal
MANGALSUTRA KA VARDAAN Prabhu Dayal Mandhaiya Vikal
Gyanu Ek Ajib Dastan GYANENDRA PRATAP SINGH
EK GUMNAM SHAHEED KI DIARY Prawin Kumar
Related Books
Bookshelves
Stay Connected