logo
Home Nonfiction Humour Alag
product-img
Alag
Enjoying reading this book?

Alag

by Gyan Chaturvedi
4.3
4.3 out of 5

publisher
Creators
Author Gyan Chaturvedi
Publisher Rajkamal Prakashan
Synopsis सामयिक, सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, विसंगतियों और विडम्बनाओं पर तीखा प्रहार करते हुए व्यंग्य परम्परा को एक नई भाषा और शिल्प प्रदान करनेवाला विशिष्ट संकलन। लेखक यहाँ हमारे दैनिक जीवन और रोजमर्रा की विडम्बनापूर्ण घटनाओं का सूक्ष्म विश्लेषण कर न सिर्फ हमें झकझोरता है, बल्कि उन कारणों को भी परत-दर-परत खोलता है जो इनके मूल में हैं। इस संकलन का हर आलेख हास-परिहास करते हुए संवेदना के स्तर पर पाठकों से रिश्ता बनाकर उनके दुख, बेचैनी के साथ जुड़ता है और उन्हें आश्वस्त कर सोच का एक नया स्तर भी प्रदान करता है। पुस्तक में राजनीति के विभिन्न रंगों, सत्तालोलुपता और भ्रष्टाचार को बेनकाब किया गया है और आन्तरिक स्थितियों पर दृष्टिपात करते हुए चीजों को देखने की एक नई दृष्टि की ओर भी संकेत किया गया है। अपने व्यंग्य-उपन्यासों से हिन्दी व्यंग्य को एक नई ऊँचाई देनेवाले ज्ञान चतुर्वेदी की इन रचनाओं से हँसी उतनी नहीं आती, जितनी अपने आसापास की विडम्बनाएँ हमें कोंचती हैं। शायद यही व्यंग्यकार की सफलता भी है।

Enjoying reading this book?
PaperBack ₹250
HardBack ₹495
Print Books
About the author
Specifications
  • Language: Hindi
  • Publisher: Rajkamal Prakashan
  • Pages: 312
  • Binding: PaperBack
  • ISBN: 9788126730575
  • Category: Humour
  • Related Category: Satire & Humour
Share this book Twitter Facebook
Related articles
Related articles
Related Videos


Suggested Reads
Suggested Reads
Books from this publisher
Manikarnika by Dr. Tulsiram
Satyagrah Andolan Ke Aagaj Ki Dharti Pashchimi Champaran by Pragya Narayan
Darshanshastra Ke Srot by D. P. Chattopadhyay
Natya Shastra Ki Bhartiya Parampara Aur Dashroopak by Hazariprasad Dwivedi, Prithwinath Dwivedi
Kahani Ki Talash Main by Alka Saraogi
Kitna Bada Jhooth by Usha priyamvada
Books from this publisher
Related Books
PRATYANCHA GYAN CHATURVEDI
JO GHAR PHOONKE GYAN CHATURVEDI
Randa Gyan Chaturvedi
Pagalkhana Gyan Chaturvedi
Pagalkhana Gyan Chaturvedi
Narak Yatra Gyan Chaturvedi
Related Books
Bookshelves
Stay Connected