Chale Safalta Ki Or Prem Se Anand Se Chale Safalta Ki Or Prem Se Anand Se
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Product description: Chale Safalta Ki Or Prem Se Anand Se is written by Suresh m. wagh and published by Bookmitra publishers. Buy Chale Safalta Ki Or Prem Se Anand Se by Suresh m. wagh from markmybook.com. An online bokstore for all kind of fiction, non fiction books and novels of English, Hindi & other Indian Languages.

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Chale Safalta Ki Or Prem Se Anand Se

by Suresh m. wagh

  • Language: Hindi
  • Publisher: Bookmitra publishers
  • Pages: 135
  • Binding: Paperback
  • Publication Date: 10-01-2020
  • ISBN: 9788194416722
  • Category: Self Help
  • Related Category: Self Help
  • MBIC: MMB1372792144263

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Author Synopsis
लेखक सुरेश मुरलीधर वाघ नाशिक के उत्कृष्ट किसान एवं व्यापारी है। इनका कार्य क्षेत्र किसानी एवं व्यापार से आगे बढ़कर किताब- लेखन, स्तम्भ - लेखन, प्रेरणादायी व्याख्यान एवं फिल्म स्क्रिप्ट लेखन को समाहित किये हुए है। श्री सुरेश वाघ ने जीवन के उतार चढाव देखते हुए महसूस किया कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता हर काम को उत्कृष्ट तरीके से करके ही प्राप्त कि जा सकती है। जीवन की पाठशाला के हर अध्याय का आपने बहुत गहनता से अध्ययन किया है।भौतिक सुख सुविधाओं को प्राप्त करने के लिए 14 वर्षों तक नेटवर्क मार्केटिंग की दुनिया में बहुत मेहनत से अपना स्थान बनाया, लेकिन सारी सुविधाओं को अर्जित करने के बाद भी ह्रदय में सुख की अनुभूति नहीं थी। अपने अंतर्मन से सवाल जवाब करते हुए सुरेश वाघ ने अपने गाँव लौटकर उत्कृष्ट तरीक़ों से खेती करने का निश्चय किया। ओर खेतिमे अच्छी सफलताभी हासील किई।अगल पड़ाव था जीवन में सच्चा आत्मिक सुख प्राप्त करना, अपने अंतर्मन,अंतर आत्मा की आवाज़ और बहुत सी प्रेरणादायी किताबों को पढ़कर जिवंमे लोगोसे 'प्राणी मात्र को सजीवसृष्टीसे प्रेम करना एवं स्वयं आनंदित रहना यह मूल मन्त्र बनाया' । बस इसके बाद जीवन बदलता चला गया ।
श्री वाघ ने अपना जीवन सकारात्मक सोच और अपने अनुभवों को जन-जन तक पहुँचाने को समर्पित कर दिया । यह ह्रदय के आत्मिक सुख एवं मानसिक स्थिरता का ही परिणाम है कि एक छोटे से गाँव का किसान एक ऐसी अनूठी किताब लिख पाया । यह किताब मूल रूप से मराठी में लिखी गई है और हिंदी एवं अंग्रेजी में अनुवाद की गई है । श्री वाघ दुनिया भर के बच्चों और अभिभावकों के लिए सकारात्मक कार्टून वीडियो बनाकर और दुनिया भर में टिक टॉक वीडियो को सकारात्मक रूप से प्रेरित करने के लिए "पॉजिटिव स्कूल" की दुनिया में कई सकारात्मक प्रेरणादायक किताबें ओर फिल्म लिख रहे हैं ।


The writer Suresh Muralidhar Wagh is an excellent farmer and businessman from Nashik. His field of work has gone beyond farming and business to include book writing, column writing, inspirational lectures and film script writing. Seeing the ups and downs of life, Mr. Suresh Wagh realized that success in every sphere of life can be achieved only by doing excellent work. He has studied every chapter of the school of life very deeply.
It took 14 years of hard work in the network marketing world to get physical amenities, but even after earning all the facilities, there was no feeling of happiness in the heart. Responding to the question of his conscience, Mr.  Wagh returned to his village and decided to do farming in an excellent manner. He achieved excellent results in farming too. The next step was to achieve true spiritual happiness in life, by reading his inner voice, voice of the inner soul and many inspiring books from the people who made this basic mantra 'to love every  living being and remain blissful in every condition'; and life started changing.
Mr. Wagh devoted his life to positive thinking and spreading his experiences to the masses. It is the result of the heart's spiritual happiness and mental stability that the farmer of a small village was able to write such a unique book. The book is originally written in Marathi and translated into Hindi and English. Mr. Waugh has been writing many positively inspiring books and films in the world of "positive schools" to create positive cartoon videos for children and parents around the world and to positively inspire tik-tok videos around the world.

लेखक सुरेश मुरलीधर हे वाघ नाशिकचे एक उत्कृष्ट शेतकरी आणि व्यापारी आहेत. पुस्तक लेखन, स्तंभलेखन, प्रेरणादायी व्याख्याने आणि चित्रपट स्क्रिप्ट लेखनाचा समावेश करण्यासाठी त्यांचे कार्य क्षेत्र शेती आणि व्यवसायाच्या पलीकडे गेले आहे. आयुष्यातील उतार-चढ़ाव पाहून श्री.सुरेश वाघ यांना समजले की जीवनाच्या प्रत्येक क्षेत्रात यशस्वी होण्यासाठी केवळ उत्कृष्ट कार्य केले जाऊ शकते. जीवनाच्या शाळेच्या प्रत्येक धड्याचा तुम्ही सखोल अभ्यास केला आहे.
नेटवर्क विपणन जगात शारीरिक सुविधा मिळविण्यासाठी 14 वर्षांची मेहनत घेतली, परंतु सर्व सुविधा मिळवल्यानंतरही मनाला आनंद मिळाला नाही. आपल्या विवेकबुद्धीच्या प्रश्नाचे उत्तर देऊन सुरेश वाघ आपल्या गावी परत आले आणि उत्कृष्ट पद्धतीने शेती करण्याचा निर्णय घेतला. आणि यश देखील यशस्वी ठरले. पुढील चरण म्हणजे जीवनात खरा आध्यात्मिक आनंद मिळविणे, त्याचा आतील आवाज, आतील आत्म्याचा आवाज आणि अशा लोकांकडून प्रेरणादायक पुस्तके वाचून ज्याने 'केवळ एका प्राण्यावर प्रेम करण्याचा आणि स्वतःचा आनंद लुटण्याचा' हा मूलमंत्र सांगितला होता. . त्यानंतरच आयुष्य बदलले.
श्री वाघ यांनी आपले जीवन सकारात्मक विचारांसाठी आणि आपले अनुभव लोकांपर्यंत पोहचवले. छोट्याशा खेड्यातील शेतकरी अशा प्रकारचे अनोखे पुस्तक लिहू शकला म्हणूनच हृदयाच्या आध्यात्मिक आनंद आणि मानसिक स्थिरतेचा हा परिणाम आहे. हे पुस्तक मुळात मराठीत लिहिलेले असून हिंदी व इंग्रजीमध्ये भाषांतरित आहे. श्री वॉ जगभरातील मुले आणि पालकांसाठी सकारात्मक व्यंगचित्र व्हिडिओ तयार करण्यासाठी आणि जगभरात टिक टॉक व्हिडिओंना सकारात्मक प्रेरणा देण्यासाठी "पॉझिटिव्ह स्कूल" च्या जगात अनेक सकारात्मक प्रेरणादायक पुस्तके आणि चित्रपट लिहित आहेत.
मैं और मेरा परिवार जीवन जीते समय जीवन में प्रेम, आनंद और सुख की तलाश में थे। इसके लिए बहुत मेहनत करते हुए पैसा कमाकर जीवन के सभी सुख- सुविधाओं के उपभोग के सोच -विचार में थे। इस सोच में ३७ साल की आयु बीत गई पर प्रेम, आनंद और सुख कहीं नहीं मिला ।
एक दिन बहुत सोचा और खुद के अंतर्मन से सवाल किया कि, सुख कहाँ है ? जवाब मिला- " यदि सुख चाहिए तो आनंदित रहना होगा।"
फिर से मन को पूछा- "आनंद कहाँ मिलेगा ?"प्रत्युत्तर मिला- " आनंद चाइये तो स्वयं पर, लोगों पर, प्राणी मात्र पर तथा हर जीव पर प्रेम करना होगा।"
फिर मैंने क्या किया? खुद पर प्रेम करने लगा । मनुष्य मात्र पर , प्राणी मात्र पर प्रेम करने लगा। इससे मैं स्थायी रूप से आनंदित रहने लगा, इसलिए सुखी रहने लगा और मुझे सफलता प्राप्ति के रहस्य और गणित समझ में आने लगे ।
वे इस प्रकार प्रेम से, आनंद से , उत्कृष्ट प्रयत्न और काम करने से अपने और अपने परिवार के सपने, ध्येय पूरे होते हैं और पैसा अपने आप पीछे -पीछे चला आता है । यह जो मुझे समझ आया, वही मैं इस किताब के माध्यम से लोगों को सरल शब्दों में बता रहा हूँ ।
"यदि यशोदायी सकारात्मक प्रेरणा देने vali इस किताब को जो कोई पढ़ेगा, स्वयं के अलावा दूसरों को , अन्य को भी सकारात्मक प्रेरणादायी रहस्य और गणित समझायेगा ।""
इस काम के लिए उन्हें धन्यवाद ! तथा भविष्य में इस किताब को पढ़ने वालों को भी धन्यवाद!!
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