Phir Meri Yaad / फिर मेरी याद Phir Meri Yaad / फिर मेरी याद
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Product description: Phir Meri Yaad / फिर मेरी याद is written by Kumar vishwas and published by Rajkamal prakashan. Buy Phir Meri Yaad / फिर मेरी याद by Kumar vishwas from markmybook.com. An online bokstore for all kind of fiction, non fiction books and novels of English, Hindi & other Indian Languages.

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Phir Meri Yaad / फिर मेरी याद

by Kumar vishwas

  • Language: Hindi
  • Publisher: Rajkamal prakashan
  • Pages: 176
  • Binding: Paperback
  • Publication Date: 10-10-2019
  • ISBN: 9789388933605
  • Category: Poetry
  • Related Category: Literature
  • MBIC: MMB1367800722919

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Author Synopsis
देश के कई शहरों में कविता पाठ करने के अतिरिक्‍त उन्‍होंने अन्‍य देशों जैसे दुबई, अमरीका, नेपाल, सिंगापुर आदि देशा में भी अपनी प्रस्‍तुति दी है। डॉ.कुमार विश्‍वास की दो पुस्‍तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।पहली पुस्तक 1996 में 'इक पगली लड़की के बिन' तथा दूसरी 'कोई दीवाना कहता है' 2007 में आई, जिसका दूसरा संस्करण 2010 में भी प्रकाशित हुआ।

ख्यात लेखक धर्मवीर भारती ने डॉ.विश्वास को इस पीढ़ी का सबसे अधिक सम्भावनाओं वाला कवि कहा था। हिन्दी गीतकार गोपालदास 'नीरज' ने उन्हें 'निशा-नियामक' की संज्ञा दी। वहीं मशहूर हास्य कवि डॉ.सुरेन्द्र शर्माने उन्हें इस पीढ़ी का एकमात्र आईएसओ-2006 प्रमाणित कवि कहा है। इसके अलावा उनके सम्मान की श्रृंखला लंबी है, जिसमें प्रमुख हैं- 1994 में डॉ.कुंवर बेचैन काव्‍य-सम्‍मान एवं पुरस्‍कार समिति द्वारा'काव्‍य-कुमार पुरस्‍कार' से, 1996 में नूर जबलपुरी अवार्ड, 2003 में लाला बालकराम आहूजा व राष्ट्रकवि गोपाल सिंह नेपाली अवार्ड से नवाज़ा गया।

साहित्‍य भारती उन्‍नाव द्वारा 2004 में 'डॉ.सुमन अलंकरण' प्रदान किया गया। हिंदी-उर्दू अवॉर्ड अकादमी द्वारा 2006 में उन्‍हें 'साहित्‍य-श्री' से सम्‍मानित किया गया। 2010 में डॉ.उर्मिलेश जन चेतना मंच 'डॉ.उर्मिलेश गीत-श्री' सम्मान प्राप्त हुआ।
कवि व प्राध्यापक होने के साथ-साथ डॉ.विश्वास, अगस्त 2011 के दौरान जनलोकपाल आंदोलन के लिए गठित टीम अन्ना के एक सक्रिय सदस्य रहे हैं। वे 26 नवंबर 2012 को अस्तित्व में आई आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी हैं।
कोई दीवाना कहता है’ काव्य संग्रह के प्रकाशन के 12 वर्षों बाद प्रकाशित हो रहा ‘फिर मेरी याद’ कुमार विश्वास का तीसरा काव्य-संग्रह है. इस संग्रह में गीत, कविता, मुक्तक, क़ता, आज़ाद अशआर— सबकी बहार है
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