Jabkatre Jabkatre
Rated 4.4/5 based on 15 customer reviews
125 In stock
Product description: Jabkatre is written by Amrita pritam and published by Hind pocket books. Buy Jabkatre by Amrita pritam from markmybook.com. An online bokstore for all kind of fiction, non fiction books and novels of English, Hindi & other Indian Languages.

HomeLiteratureNovel Jabkatre

Jabkatre

by Amrita pritam


₹125
location CHECK
Generally Delivered in 3-5 days.

Not Available Notify me NOTIFY ME
Author Synopsis
बचपन और शिक्षा लाहौर में। किशोरावस्था से ही काव्य-रचना की ओर प्रवृत्ति। बँटवारे से पहले लाहौर से प्रकाशित होनेवाली मासिक पत्रिका 'नई दुनिया' का सम्पादन किया, फिर 'नागमणि' नामक पंजाबी मासिक निकाला। कुछ दिनों तक आकाशवाणी, दिल्ली से सम्बद्ध रहीं। 1956 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित और 1958 में पंजाब सरकार के भाषा-विभाग द्वारा पुरस्कृत। 1961 में सोवियत लेखक संघ के निमंत्रण पर मास्को-यात्रा, फिर मई, 1966 में बलगारिया लेखक संघ के निमंत्रण पर बलगारिया की यात्रा। ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित।
अब तक तीन दर्जन से अधिक पुस्तकें मूल पंजाबी में प्रकाशित, जिनमें से दो-तीन को छोड़कर प्राय: सभी पुस्तकों के हिन्दी अनुवाद। कुछ अन्य भारतीय भाषाओं के अतिरिक्त रूसी, जर्मन आदि यूरोपीय भाषाओं में भी रचनाएँ अनूदित।
प्रमुख प्रकाशित पुस्तकें : धूप का टुकड़ा, काग़ज़ और कैनवस (कविता-संग्रह); रसीदी टिकट, दस्तावेज़ (आत्मकथा); डॉक्टर देव, पिंजर, घोंसला, एक सवाल, बुलावा, बन्द दरवाज़ा, रंग का पत्ता, एक थी अनीता, धरती, सागर और सीपियाँ, दिल्ली की गलियाँ, जलावतन, जेबकतरे, पक्की हवेली, आग की लकीर, कोई नहीं जानता, यह सच है, एक ख़ाली जगह, तेरहवाँ सूरज, उनचास दिन, कोरे काग़ज़, हरदत्त का जि़न्दगीनामा इत्यादि (उपन्यास); अन्तिम पत्र, लाल मिर्च, एक लड़की एक जाम, दो खिड़कियाँ, हीरे की कनी, पाँच बरस लम्बी सड़क, एक शहर की मौत, तीसरी औरत, यह कहानी नहीं, अक्षरों की छाया में, आदि (कहानी-संग्रह)।
Not Available
Related Books
Books from this Publisher view all
Trending Books
O
F
F
E
R
S
Bookshelves
Festival Offers Jawahar Lal Nehru Junior's Library Pre Order Vani Prakashan Books Amar Chitra Katha Vallabhbhai Patel In trend Taaza Tareen Hindi Classics Popular Authors Selfhelp & Philosophy