Kaal Tujhse Hor Hai Meree Kaal Tujhse Hor Hai Meree
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Product description: Kaal Tujhse Hor Hai Meree is written by Shamsher bahadur singh and published by Vani prakashan. Buy Kaal Tujhse Hor Hai Meree by Shamsher bahadur singh from markmybook.com. An online bokstore for all kind of fiction, non fiction books and novels of English, Hindi & other Indian Languages.

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Kaal Tujhse Hor Hai Meree

by Shamsher bahadur singh

  • Language: Hindi
  • Publisher: Vani prakashan
  • Pages: 108
  • Binding: Hardback
  • ISBN: 9788170551560
  • Category: Poetry
  • Related Category: Literature
  • MBIC: MMB786435

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Author Synopsis
जन्म: 13 जनवरी, 1911, देहरादून (उ.प्र.)।

शिक्षा: प्रारम्भिक शिक्षा देहरादून में। बाद की शिक्षा गोंडा और इलाहाबाद विश्वविद्यालय में। 1935-36 में उकील बंधुओं से कला-प्रशिक्षण लिया।

साहित्यिक कार्यक्षेत्र: ‘रूपाभ’, इलाहाबाद में कार्यालय सहायक (1939), ‘कहानी’ में त्रिलोचन के साथ (1940), ‘नया साहित्य’, बम्बई में कम्यून में रहते हुए (1946), ‘माया’ में सहायक सम्पादक (1948-54), ‘नया पथ’ और ‘मनोहर कहानियाँ’ में सम्पादन- सहयोग। दिल्ली विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की एक महत्त्वपूर्ण परियोजना ‘उर्दू-हिन्दी कोश’ का सम्पादन (1965-77)। प्रेमचंद सृजनपीठ, विक्रम विश्वविद्यालय (मध्य प्रदेश) के अध्यक्ष (1981-85)।

सन् 1978 में सोवियत संघ की यात्रा। विभिन्न भाषाओं में कविताओं के अनुवाद।

प्रकाशित कृतियाँ: कुछ कविताएँ व कुछ और कविताएँ, चुका भी हूँ नहीं मैं, इतने पास अपने, उदिता: अभिव्यक्ति का संघर्ष, बात बोलेगी, काल तुझसे होड़ है मेरी, टूटी हुई बिखरी हुई, कहीं बहुत दूर से सुन रहा हूँ (कविता); कुछ और गद्य रचनाएँ (निबन्ध)।

सम्मान: मध्यप्रदेश साहित्य परिषद् तुलसी पुरस्कार (1977); साहित्य अकादेमी पुरस्कार (1977); मैथिलीशरण गुप्त पुरस्कार; कबीर सम्मान (1989)।

निधन: 12 मई, 1993
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