Rangdarshan Rangdarshan
Rated 4.7/5 based on 50 customer reviews
369 In stock
Product description: Rangdarshan is written by Nemichandra jain and published by Radhakrishna prakashan. Buy Rangdarshan by Nemichandra jain from markmybook.com. An online bokstore for all kind of fiction, non fiction books and novels of English, Hindi & other Indian Languages.

HomeHobbiesDrama & Theatre Rangdarshan

Rangdarshan

by Nemichandra jain


₹450
₹36918%OFF
location CHECK
Generally Delivered in 3-5 days.

Buy Now Buy Now cart Add to Cart Gift Book Gift This Book
Author Synopsis
Not Available
आधुनिक भारतीय रंगमंच के वैचारिक आधार क्या हैं-उसकी अपार विविधता का फलितार्थ क्या है-उसमें आधुनिकता और परंपरा के बीच कैसी बतकही और आवाजाही होती रही है आदि ऐसे प्रश्न हैं जो आधुनिक भारतीय रंगदृष्टि को विन्यस्त करने और उसे समझने के लिए जरूरी हैं । हमारी उत्तर-औपनिवेशिक जहनियत की यह विडंबना है कि ऐसे प्रश्न अकसर भारतीय भाषाओं में तीखेपन और बेबाकी के साथ, उत्सुकता और जिज्ञासा से प्रेरित होकर उठाए ही नहीं गए । इन प्रश्नों को जिम्मेदारी और सयानेपन से उठाने की पहल प्रसिद्ध हिंदी कवि-आलोचक और रंगसमीक्षक नेमिचन्द्र जैन ने की : ऐसा पहली बार हिंदी में ही नहीं बल्कि सारी भारतीय भाषाओं में भी पहली बार ही हुआ है । रंगदर्शन उसी का एक ऐतिहासिक दस्तावेज है । तीस बरसों बाद उसका चौथा संस्करण निकलना इस बात का प्रमाण है कि वह आज भी भारतीय रंगमंच के आधुनिक दौर को समझने-बूझने में एक अनिवार्य उपकरण बना हुआ है ।
रंगदर्शन में जहाँ एक ओर रंगशाला, नाट्‌य प्रशिक्षण, दर्शक-वर्ग, व्यावसायिकता आदि का गंभीरता से विश्लेषण है, वहाँ दूसरी ओर उसमें नाटक का अध्ययन, रचना-प्रक्रिया, नाट्‌य-रूप और भाषा, परंपरा की प्रासंगिकता, रंगदृष्टि की खोज आदि मुद्‌दे उठाकर भारतीय रंगालोचना को पुष्ट बौद्धिक ऊर्जा और आभा देने की कोशिश है । यह अकारण. नहीं है कि हिंदी के अलावा बांग्ला, मराठी, अंग्रेजी आदि में भी इस पुस्तक को दिशादर्शी और महत्त्वपूर्ण माना गया है ।
Related Books
Books from this Publisher view all
Trending Books
O
F
F
E
R
S
Bookshelves
Festival Offers Jawahar Lal Nehru Junior's Library Pre Order Vani Prakashan Books Amar Chitra Katha Vallabhbhai Patel In trend Taaza Tareen Hindi Classics Popular Authors Selfhelp & Philosophy