Bharat Ke Kisan Vidroh (18501900) Bharat Ke Kisan Vidroh (18501900)
Rated 4.8/5 based on 48 customer reviews
78 In stock
Product description: Bharat Ke Kisan Vidroh (18501900) is written by L . natrajan and published by Vani prakashan. Buy Bharat Ke Kisan Vidroh (18501900) by L . natrajan from markmybook.com. An online bokstore for all kind of fiction, non fiction books and novels of English, Hindi & other Indian Languages.

HomeNonfictionHistory Bharat Ke Kisan Vidroh (18501900)

Bharat Ke Kisan Vidroh (18501900)

by L . natrajan

  • Language: Hindi
  • Publisher: Vani prakashan
  • Pages: 104
  • Binding: Hardback
  • ISBN: 9788188599332
  • Category: History
  • Related Category: Historical
  • MBIC: MMB629203

₹95
₹7818%OFF
location CHECK
Generally Delivered in 3-5 days.

Buy Now Buy Now cart Add to Cart Gift Book Gift This Book
Author Synopsis
Not Available
भारत के ब्रिटिश साम्राज्यवाद विरोधी अभियान की नियमित शुरुआत किताबी इतिहासकारों ने 1857 से मानी है और उसे भी राजाओं-नवाबों के निजी असन्तोष और अंग्रेजी फ़ौज में तैनात देसी सिपाहियों की धार्मिक भावना में सीमित कर दिया गया है। बाद में गैर-सांस्थनिक इतिहासकारों ने जहाँ 1857 की देशव्यापी घटनाओं की विधिवत् पड़ताल करके 1857 के जन-विद्रोही चरित्र को उभारा, वहीं पूर्वापर काल के उन बहुत-सारे छोटे-मोटे महाभारतों का पता भी लगाया, जिनके नायक राजे-नवाब या पेशवेर सैनिक नहीं, बल्कि भीतरी ग्राम्यांचलों के सीधे-साफ किसान थे। इन किसान-विद्रोहों की शुरुआत 1857 से बहुत पहले सन् 1767-68 में ही त्रिपुरा के शमशेर गाजी विद्रोह से हो गयी थी, जिसे ‘भारत का मुक्ति संग्राम’ के लेखक अयोध्या सिंह ने ‘किसानों का संगठित विद्रोह’ कहा है।
Related Books
Books from this Publisher view all
Trending Books
O
F
F
E
R
S
Bookshelves
Festival Offers Jawahar Lal Nehru Junior's Library Pre Order Vani Prakashan Books Amar Chitra Katha Vallabhbhai Patel In trend Taaza Tareen Hindi Classics Popular Authors Selfhelp & Philosophy