Dayan Dayan
Rated 4.7/5 based on 14 customer reviews
102 In stock
Product description: Dayan is written by Bhishm sahni and published by Rajkamal prakashan. Buy Dayan by Bhishm sahni from markmybook.com. An online bokstore for all kind of fiction, non fiction books and novels of English, Hindi & other Indian Languages.

HomeLiteratureShort Stories Dayan

Dayan

by Bhishm sahni


₹125
₹10218%OFF
location CHECK
Generally Delivered in 3-5 days.

Not Available Notify me NOTIFY ME
Author Synopsis
Not Available
.इरिक कथाकार भीष्म साहनी की कहानियों में मानवीय मूल्य ही कहानी का आधार बनते हैं । जीवन की कोमलता, सौंदर्य आदि' उसके अनिवार्य अंग हैं । कुरूप होती जाती दुनिया में बची हुई मनुष्यता को लगातार चिह्नित करने के क्रम में उन्होंने चीफ की दावत', 'अमृतसर आ गया है', चाली', झुटपुटा?, साग मीट' जैसी कालजयी कहानियाँ लिखीं । ये कहानियाँ आज भी इसलिए प्रासंगिक हैं क्योंकि -रे मनुष्य के जीवन-सौंदर्य की सतत तलाश है ।
कहानी के कई आदोलन आए और गए लेकिन भीष्म साहनी अपनी जगह कायम रहे । अपने विश्वबोध, यथार्थ चेतना, व्यापक अनुभव, सही वैचारिक परिप्रेक्ष्य और गंभीर इतिहासबोध का उपयोग, वे अमानवीय संबंधों के विरोध और समानता के उद्देश्य वाले लेखन के लिए करते रहे । उन्होंने जीवंत अतीत के बारे में लिखा लेकिन तात्कालिक, समकालीन सवालों, मुद्दों से टकराने में भी हमेशा आगे रहे ।
वीरो' कहानी इसका उदाहरण है । डायन' कहानी में मध्यवर्गीय परिवार में विभिन्न पीढ़ियों की मानसिकता का दिलचस्प चित्रण है । गौरैया', राहत', रफ्तार' थक कहानियाँ आज की जटिलताओं से टकराती हैं तो मकबरा शाह शेर अली' जीवंत अतीत को आज से जोड़ती है । इन कहानियों में भीष्मजी अपने कथ्य और शिल्प की संपूर्ण विशेषताओं के पास मौजूद हैं ।
आजादी की पचासवीं वर्षगाँठ पर प्रकाशित यह संकलन विभाजन की कसक की याद दिलाता है । वीरो' कहानी की वीरो विभाजन की आपाधापी में पाकिस्तान, सिक्सों के तीर्थ पत्रा साहिब में रह गई । बाद में वहीं शादी हुई । अब अधेड़ है, वीरो से सलीमा बन गई है । पर भारत से आए सिक्ख यात्रियों के भजन सुनकर बेटे से कहती है-मैं जन्म से ही सिक्खणी हूँ बेटा! बाद में उसका बिछड़ा सरदार भाई मिल जाता है । 'अबके बिछड़े शायद ख्वाबों में मिले ।' आत्मिक मेल रहा है 'भारत-पाक की जनता में । शायद सीमा की दीवार थोड़ी' मुलायम हो और वीरो को न रोना पड़े । सहज कथा-रस का आदर्श है यह संकलन ।
Related Books
Books from this Publisher view all
Trending Books
O
F
F
E
R
S
Bookshelves
Festival Offers Jawahar Lal Nehru Junior's Library Pre Order Vani Prakashan Books Amar Chitra Katha Vallabhbhai Patel In trend Taaza Tareen Hindi Classics Popular Authors Selfhelp & Philosophy