Avignon Avignon
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Product description: Avignon is written by Ashok vajpeyi and published by Rajkamal prakashan. Buy Avignon by Ashok vajpeyi from markmybook.com. An online bokstore for all kind of fiction, non fiction books and novels of English, Hindi & other Indian Languages.

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Avignon

by Ashok vajpeyi


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Author Synopsis
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1991 में प्रकाशित अपने कविता-संग्रह कहीं नहीं वहीँ के लिए हाल ही में साहित्य अकादमी से पुरस्कृत अशोक वाजपेयी का यह नया संग्रह उनकी संवेदना, कौशल और जिजीविषा का ताजा और चकित करनेवाला विस्तार है ! फ़्रांस के एक प्राचीन शहर के एक ईसाई मठ में स्थित कलाकेन्द्र में रहकर लिखी गयी ये रचनाएँ अशोक वाजपेयी की अथक सर्जनशीलता का प्रमाण तो हैं ही, स्वयं हिंदी कविता के भूगोल में कुछ नया और अप्रत्याशित शामिल करती हैं ! यों प्रेम, रति, परिवार, उपस्थिति-अनुपस्थिति, अवसाद, एकांत आदि की उनकी पूर्वपरिचित थीमें यहाँ भी हैं : पर उनमे बिलकुल अलग किस्म की उर्जा और काव्य-समृद्धि है ! कविता का देश और काल दोनों में कुछ बहुत मार्मिक और गहरे अर्थ में बदल गया है ! उनका एक पिछला संग्रह बहुरि अकेला एक व्यक्ति संगीतकार कुमार गन्धर्व पर एकाग्र था और यह पुस्तक एक स्थान पर !
कविताओं के साथ कविता और कुछ अन्य विषयों पर बिलकुल नयी किस्म के गद्यांश भी इस पुस्तक में शामिल हैं ! हिंदी आलोचना को एक समय नया मुहावरा देनेवाले और हाल ही में हिंदी में कलाओं की आलोचना को भी संवेदनशील प्रखरता देनेवाले कवी-आलोचक का यह गद्य भी एक नयी शुरुआत है ! वह कवियाया हुआ गद्य नहीं है हालाँकि उसमे कविता की भावप्रवणता गहरी चिंतनपरकता के साथ मौजूद है !
अपने चालू समय और उसकी छबियों-मुहावरों को प्रतिरोध देते रहने की जिद को जारी रखते हुए कुल उन्नीस दिनों की अवधि में दूर देश में रहकर अशोक वाजपेयी ने जो लिखा है वह उनकी अपनी उर्जा के साथ ही हिंदी की अपनी सर्जनात्मक सम्भावना का साक्ष्य भी है !
उपस्थिति और अनुपस्थिति, रति और भा, सुनसान और जीवट आदि के बीच एक नाजुक संतुलन बनाये हुए यह पुस्तक एक अनूठा दस्तावेज है ! युवा चित्रकार अखिलेश के रेखांकनों और संयोजन ने इसे उसकी अपनी आवाज के अलावा नयी रंगत भी दी है !
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