Dhann Narbada Maiya Ho Dhann Narbada Maiya Ho
Rated 4.7/5 based on 29 customer reviews
600 In stock
Product description: Dhann Narbada Maiya Ho is written by Prabhash joshi and published by Rajkamal prakashan. Buy Dhann Narbada Maiya Ho by Prabhash joshi from markmybook.com. An online bokstore for all kind of fiction, non fiction books and novels of English, Hindi & other Indian Languages.

HomeManagementCommunication Dhann Narbada Maiya Ho

Dhann Narbada Maiya Ho

by Prabhash joshi


₹600
location CHECK
Generally Delivered in 3-5 days.
Get this book outside India?

Available soon Notify me NOTIFY ME
Also available with other Sellers
Starting from ₹480 View all Sellers
Author Synopsis
Not Available
‘धन्न नरबदा मइया हो’ पुस्तक में प्रभाष जोशी के ज्यादातर लेख व्यक्तिगत हैं। हालाँकि इस संकलन में परम्परा और संस्कृति, यात्राओं तथा पर्यावरण से सम्बन्धित आलेख भी संकलित हैं, लेकिन इन सबका रुझान व्यक्तिगत ही है।
प्रभाष जोशी अपनी भूमिका में लिखते हैं:
‘‘इस पुस्तक का शीर्षक - धन्न नरबदा मइया हो - दरअसल अपनी किशोर वय में जबलपुर के एक गीतकार से एक कवि सम्मेलन में सुने मछुआरों के एक गीत से लिया है। हैया हो हो हैया हो, धन्न नरबदा मइया हो। पहले का दिया शीर्षक था - बार-बार लौटकर जाता हूँ नर्मदा। इस शीर्षक की आत्मा को ज्यों का त्यों रखते हुए इन निबन्धों को पढ़ने के बाद मैंने शीर्षक धन्न नरबदा मइया हो कर दिया। ये निबन्ध खड़ी बोली के औपचारिक गद्य में नहीं लिखे गए हैं। इनमें बोली की अनगढ़ता लेकिन अनुभूति की सघनता, आत्मीयता और भावुकता है। ये मेरी कोठरी के भीतर की कोठरी की ऐसी खिड़की है जो घर के आँगन और उस पर छाए आकाश में खुलती है। ये निहायत निजी कहे जानेवाले निबन्ध हैं लेकिन ऐसी निजता के जो बाहर के ब्रह्मांड से तदाकार हो गई है। सच, इनमें निजी कुछ नहीं है। हजारीप्रसाद द्विवेदी और कुबेरनाथ राय को पढ़ते हुए मैंने जो अपना मालव मानव-संसार बनाया है, ये निबन्ध उनमें आपको बुलाने के बुलव्वे हैं।
इनमें पर्यावरण और संस्कृति के मेरे सरोकार हैं और कुछ यात्रा विवरण हैं, जो यात्रा वृत्तान्त की तरह नहीं अपनी अन्तर्यात्रा में अपनी तलाश के किस्से हैं।’’
Related Books
Books from this Publisher view all
Trending Books
O
F
F
E
R
S
Bookshelves
Festival Offers Jawahar Lal Nehru Junior's Library Pre Order Vani Prakashan Books Amar Chitra Katha Vallabhbhai Patel In trend Taaza Tareen Hindi Classics Popular Authors Selfhelp & Philosophy