Seraj Band Baja Seraj Band Baja
Rated 4.1/5 based on 36 customer reviews
280 In stock
Product description: Seraj Band Baja is written by Jainandan and published by Vani prakashan. Buy Seraj Band Baja by Jainandan from markmybook.com. An online bokstore for all kind of fiction, non fiction books and novels of English, Hindi & other Indian Languages.

HomeLiteratureShort Stories Seraj Band Baja

Seraj Band Baja

by Jainandan


₹325
₹28014%OFF
location CHECK
Generally Delivered in 3-5 days.
Get this book outside India?

Buy Now Buy Now cart Add to Cart Gift Book Gift This Book
Also available with other Sellers
Starting from ₹289 View all Sellers
Author Synopsis
Not Available
कथाकार जयनंदन आज की आयातित और जबरन थोपी गयी जटिल नव उपभोक्तावादी संस्कृति के जाल में घिरे हुए आम आदमी के जीवन में उभरी आकस्मिक उथल-पुथल और उसकी चिन्ताओं का भावात्मक एवं संवेदनशील रूपक गढ़ते हुए मार्मिक, हृदयस्पर्शी एवं तार्किक भाषायी शब्द-रंगों से कथानक के जरिये गोया पेंटिंग करते हैं। ऐसी पेंटिंग जो अपनी तरफ खींच ले, मुग्ध कर दे और अपनी अभिव्यक्ति से कायल बना दे। जयनंदन एक समर्थ कहानीकार के तौर पर पिछले बत्तीस वर्षों से कथा जगत में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं। इनके रचना-संसार का फलक जितना व्यापक है, वैसा हिन्दी में कम ही लेखकों में दिखता है। बाजारवाद के संक्रमण और सामाजिक जीवन-मूल्यों के विचलन से सम्बन्धित कहानियों पर जब भी चर्चा होती है, तो उसमें जयनंदन अनिवार्य रूप से उद्धृत होते हैं। इस संग्रह की कहानियों में वे अनेक सामाजिक अन्तर्विरोधों, विडम्बनाओं और त्रासदियों की पड़ताल करते हैं। कहानी ‘प्रोटोकॉल’ में वे कहते हैं कि इज़्ज़त-आबरू और संस्कृति का लिब्रेलाइज़ेशन नहीं होता...विदेशी मुद्रा से बड़ी हैं ये चीजें। ‘घर फूँक तमाशा’ कहानी में पुत्र के इस सवाल पर कि ‘कारखाने बन्द क्यों हो रहे हैं और रुपया का मूल्य रोज़-ब-रोज़ घटता क्यों जा रहा है?’, पिता कहता है कि ‘इसका जवाब अन्तरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक और अमेरिका के सिवा इस देश में किसी के पास नहीं है।’ इस तरह जयनंदन हिन्दी साहित्य में जो लीक बनाते दिख रहे है वे बहुत लम्बी, गहरी और स्थायी होती जान पड़ रही है।
Related Books
Books from this Publisher view all
Trending Books
O
F
F
E
R
S
Bookshelves
Festival Offers Jawahar Lal Nehru Junior's Library Pre Order Vani Prakashan Books Amar Chitra Katha Vallabhbhai Patel In trend Taaza Tareen Hindi Classics Popular Authors Selfhelp & Philosophy