Kaag Bhagora Kaag Bhagora
Rated 4.6/5 based on 28 customer reviews
52 In stock
Product description: Kaag Bhagora is written by Harishankar parsai and published by Vani prakashan. Buy Kaag Bhagora by Harishankar parsai from markmybook.com. An online bokstore for all kind of fiction, non fiction books and novels of English, Hindi & other Indian Languages.

HomeLiteratureSatire & Humour Kaag Bhagora

Your Review
Kaag Bhagora by Harishankar parsai
  • Language: Hindi
  • Publisher: Vani prakashan
  • Pages: 95
  • Binding: Paperback
  • Publication Date: 2013
  • ISBN: 9789350001417
  • Category: Satire & Humour
  • Related Category: Humour
  • MBIC: MMB399363

₹75
₹52 31%OFF

Enter pincode to check delivery option
CHECK
Generally Delivered in 3-5 days.


Buy Now Add to Cart Gift This Book
Author Synopsis
हरिशंकर परसाई (22 अगस्त, 1924 - 10 अगस्त, 1995) हिंदी के प्रसिद्ध लेखक और व्यंगकार थे। उनका जन्म जमानी, होशंगाबाद, मध्य प्रदेश में हुआ था। वे हिंदी के पहले रचनाकार हैं जिन्होंने व्यंग्य को विधा का दर्जा दिलाया और उसे हल्के–फुल्के मनोरंजन की परंपरागत परिधि से उबारकर समाज के व्यापक प्रश्नों से जोड़ा। उनकी व्यंग्य रचनाएँ हमारे मन में गुदगुदी ही पैदा नहीं करतीं बल्कि हमें उन सामाजिक वास्तविकताओं के आमने–सामने खड़ा करती है, जिनसे किसी भी व्यक्ति का अलग रह पाना लगभग असंभव है। लगातार खोखली होती जा रही हमारी सामाजिक और राजनैतिक व्यवस्था में पिसते मध्यमवर्गीय मन की सच्चाइयों को उन्होंने बहुत ही निकटता से पकड़ा है। सामाजिक पाखंड और रूढ़िवादी जीवन–मूल्यों की खिल्ली उड़ाते हुए उन्होंने सदैव विवेक और विज्ञान–सम्मत दृष्टि को सकारात्मक रूप में प्रस्तुत किया है। उनकी भाषा–शैली में खास किस्म का अपनापा है, जिससे पाठक यह महसूस करता है कि लेखक उसके सामने ही बैठा है ।
Not Available
Readers generally buy together
Related Books
Books from this Storefront view all