Bhartiya Bhashaon Mein Ramkatha(Pahadi Bhasha) Bhartiya Bhashaon Mein Ramkatha(Pahadi Bhasha)
Rated 4.4/5 based on 29 customer reviews
210 In stock
Product description: Bhartiya Bhashaon Mein Ramkatha(Pahadi Bhasha) is written by Dr.yogendra pratap singh and published by Vani prakashan. Buy Bhartiya Bhashaon Mein Ramkatha(Pahadi Bhasha) by Dr.yogendra pratap singh from markmybook.com. An online bokstore for all kind of fiction, non fiction books and novels of English, Hindi & other Indian Languages.

HomeNonfictionArt & Culture Bhartiya Bhashaon Mein Ramkatha(Pahadi Bhasha)

Bhartiya Bhashaon Mein Ramkatha(Pahadi Bhasha)

by Dr.yogendra pratap singh


logo logo

Buy Now Buy at Amazon Buy Now Buy at Flipkart
Author Synopsis
Not Available
भारतीय संस्कृति के विभाजन को केन्द्र में रखते हुए भारतीय भाषाओं एवं राज्यों को पृथक्-पृथक् खंडों में बाँटने वाले विदेशी राजतन्त्रों के कारण भारत बराबर टूटते हुए भी, अपने सांस्कृतिक सन्दर्भों के कारण, अब भी एक सूत्रा में बँधा है। एकता के सूत्रा में बाँधने वाले सन्दर्भों में राम, कृष्ण, शिव आदि के सन्दर्भ अक्षय हैं। भारतीय संस्कृति अपने आदिकाल से ही राममयी लोकमयता की पारस्परिक उदारता से जुड़ी सम्पूर्ण देश, उसके विविध प्रदेशों एवं उनकी लोक व्यवहार की भाषाओं में लोकाचरण एवं सम्बद्ध क्रियाकलापों से अनिवार्यतः हजारों-हजारों वर्षों से एकमेव रही है। सम्पूर्ण भारत तथा उसकी समन्वयी चेतना से पूर्णतः जुड़ी इस भारतीय अस्मिता को पुनः भारतीयों के सामने रखना और इसका बोध कराना कि पश्चिमी सभ्यता के विविध रूपों से आक्रान्त हम भारतीय अपनी अस्मिता से अपने को पुनः अलंकृत करें। भारतीय भाषाओं में रामकथा को जन-जन तक पहुँचाने का यह हमारा विनम्र प्रयास है। पहाड़ी भाषा में रामकथा का अति महत्त्व है। आज के परिवर्तनशील युग में मानव आधुनिकता की दौड़ में, चकाचौंध में सुखशान्ति की अपेक्षा रखता है, जो नितान्त असम्भव है। भारतीय संस्कृति के उच्च आदर्श, नैतिकता, सामाजिकता का जो निदर्शन रामकथा में लक्षित होता है, उनका थोड़ा-सा भी चिन्तन-मनन करें, तो मानव को एक स्वर्गिक आनन्द की प्राप्त होगी, जिसकी आज के युग में महती आवश्यकता है।
Related Books
Books from this Publisher view all
Trending Books
Bookshelves
Festival Offers Jawahar Lal Nehru Junior's Library Pre Order Vani Prakashan Books Amar Chitra Katha Vallabhbhai Patel In trend Taaza Tareen Hindi Classics Popular Authors Selfhelp & Philosophy