Bharatiya Nari Sant Parampara Bharatiya Nari Sant Parampara
Rated 4.3/5 based on 36 customer reviews
210 In stock
Product description: Bharatiya Nari Sant Parampara is written by Baldev vanshi and published by Vani prakashan. Buy Bharatiya Nari Sant Parampara by Baldev vanshi from markmybook.com. An online bokstore for all kind of fiction, non fiction books and novels of English, Hindi & other Indian Languages.

HomeLiteraturePoetry Bharatiya Nari Sant Parampara

Bharatiya Nari Sant Parampara

by Baldev vanshi

  • Language: Hindi
  • Publisher: Vani prakashan
  • Pages: 142
  • Binding: Hardback
  • ISBN: 9789350005101
  • Category: Poetry
  • Related Category: Literature
  • MBIC: MMB7124563

logo logo

Buy Now Buy at Amazon Buy Now Buy at Flipkart
Author Synopsis
Not Available
भारतीय अमर नारी सन्तों ने समाज की जड़ता को तोड़ने की खातिर, जाति-पाँति, ऊँच-नीच, साम्प्रदायिकतापूर्ण भेदभाव को मिटाने के लिए बड़ी गहरी चोटें दी हैं। पुरुष सन्तों से भी गहरी-गम्भीर! क्योंकि उन्होंने दलित वर्ग के पुरुषों से भी अधिक घिनौने अपमान, लांछन, भूख और अन्याय के दंश सहे हैं। वेद कालीन समता, स्वतन्त्राता, सम्मान व शिक्षा के अधिकारों के क्रमशः खोते जाने और अज्ञानता (आत्म-अज्ञानता-वेदज्ञान वंचित), अविद्या के गहन अन्धकार में धकेल दिये जाने के बाद, नारी मात्रा को भोग्य पदार्थ एवं क्रय-विक्रय की वस्तु बल्कि, इससे भी नीचे पाँव की जूती’ बना दिये जाने की घोर जलालतभरी, नारकीय स्थितियों को भोगना पड़ा। इस कारण विवशता में ही सही चुपचाप, खामोश रहकर समाज को, उक्त स्थितियाँ रचने के कारण, नंगा किया। उन्होंने घर छोड़ दिये, अकेली हो गयीं पर झुकी नहीं। पुरुष सन्त जो प्रायः समाज के निम्न, दलित, उपेक्षित वर्ग से आते हैं, उन्हीं के संग साथ में रह कर भी नारी सन्तों ने भगवान को अपनी, अपने वर्ग की, आपबीती भी सुनाई, मुक्ति की गुहार भी लगाई। भगवान को उलाहने भी दिये कि कैसे मनुष्यों की दुनिया में उसने उन्हें धकेल दिया। नारी सन्त तो दलितों की भी दलित हैं। उनकी यातनाएँ तो दोहरी-चौहरी हैं। किन्तु अपनी और समूचे मानव समाज की मुक्ति का मार्ग उन्होंने दिखाया। आत्मछन्द को उपलब्ध करके, स्वच्छन्द हो जाना है, मुक्त हो जाना है।
Related Books
Books from this Publisher view all
Trending Books
Bookshelves
Festival Offers Jawahar Lal Nehru Junior's Library Pre Order Vani Prakashan Books Amar Chitra Katha Vallabhbhai Patel In trend Taaza Tareen Hindi Classics Popular Authors Selfhelp & Philosophy