Ek Aur Vibhajan Ek Aur Vibhajan
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Ek Aur Vibhajan

by Mahashweta devi

  • Language: Hindi
  • Pages: 96
  • Binding: Hardback (also in: PaperBack)
  • ISBN: 8181431405
  • Category: Poetry
  • Related Category: Literature
  • MBIC: MMB6197203

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Author Synopsis
जन्म : 1926, ढाका।

पिता श्री मनीष घटक सुप्रसिद्ध लेखक थे।

शिक्षा : प्रारम्भिक पढ़ाई शान्तिनिकेतन में, फिर कलकत्ता विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में एम.ए.।

अर्से तक अंग्रेजी का अध्यापन।

कृतियाँ अनेक भाषाओं में अनूदित।

हिन्दी में अनूदित कृतियाँ : चोट्टि मुण्डा और उसका तीर, जंगल के दावेदार, अग्निगर्भ, अक्लांत कौरव, 1084वें की माँ, श्री श्रीगणेश महिमा, टेरोडैक्टिल, दौलति, ग्राम बांग्ला, शालगिरह की पुकार पर, भूख, झाँसी की रानी, आंधारमानिक, उन्तीसवीं धारा का आरोपी, मातृछवि, सच-झूठ, अमृत संचय, जली थी अग्निशिखा, भटकाव, नीलछवि, कवि वन्द्यघटी गाईं का जीवन और मृत्यु, बनिया-बहू, नटी (उपन्यास); पचास कहानियाँ, कृष्णद्वादशी, घहराती घटाएँ, ईंट के ऊपर ईंट, मूर्ति, (कहानी-संग्रह); भारत में बँधुआ मजदूर (विमर्श)।

सम्मान : ‘जंगल के दावेदार’ पुस्तक पर ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार’। ‘मैगसेसे अवार्ड’ तथा ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ द्वारा सम्मानित।

निधन : 28-07-2016 (कोलकाता)।
शिक्षा, नौकरी,सामाजिक प्रतिष्ठा और अर्थनैतिक समृद्धि- तमाम मोड़ो पर अग्रणी हिनदी,जैसे भारतीय लोगों में अनेक धर्म-निरपेक्ष जातीयता की स्वस्थ धारणा जगाने की कोशिश कर रहे हैं,वैसे ही इसके साथ-साथ बे लोग पिछड़े हुए मुसलमान भारतीयो में भी वही बोध जगाने की कोशिश कर रहे हैं।
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